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सहारनपुर के ब्रेन बूस्टेबल इंस्टिट्यूट के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने वैदिक गणित में रचा इतिहास

“इन्फ्लुएंसर बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स” में दर्ज हुआ सहारनपुर का नाम, शिक्षा जगत में मचा उत्साह

 


सहारनपुर के ब्रेन बूस्टेबल इंस्टिट्यूट के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने वैदिक गणित में रचा इतिहास — “इन्फ्लुएंसर बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स” में दर्ज हुआ सहारनपुर का नाम, शिक्षा जगत में मचा उत्साह

सहारनपुर।
शिक्षा की धरती सहारनपुर ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। शहर के विख्यात ब्रेन बूस्टेबल इंस्टिट्यूट के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने वैदिक गणित के क्षेत्र में ऐसा अद्भुत कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसने पूरे देश में सहारनपुर का नाम रोशन कर दिया। वैदिक गणित में तेज़ गणना और तार्किक सोच की मिसाल पेश करते हुए इस संस्थान के बच्चों ने “इन्फ्लुएंसर बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स” में अपना नाम दर्ज कराया है। यह सफलता न केवल विद्यार्थियों के लिए बल्कि पूरे सहारनपुर जिले के लिए गर्व का विषय है।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे प्रेरणा के स्त्रोत रहे ब्रेन बूस्टेबल इंस्टिट्यूट के संस्थापक श्री अरहियंत जैन, जिन्होंने बच्चों को वैदिक गणित की विधाओं में निपुण बनाते हुए यह सिद्ध कर दिया कि यदि समर्पण, दिशा और संकल्प मजबूत हो, तो सहारनपुर जैसा शहर भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी पहचान बना सकता है।

वैदिक गणित — भारतीय ज्ञान परंपरा का आधुनिक रूप

ब्रेन बूस्टेबल इंस्टिट्यूट की यह उपलब्धि उस प्राचीन भारतीय गणितीय प्रणाली को नया जीवन देने जैसा है, जिसे आचार्य भारती कृष्ण तीर्थजी महाराज ने पुनर्जीवित किया था। वैदिक गणित के माध्यम से विद्यार्थी न केवल गणना में दक्षता प्राप्त करते हैं बल्कि मानसिक तीक्ष्णता, ध्यान केंद्रण और तर्कशील सोच का भी विकास होता है।

संस्थान के निदेशक अरहियंत जैन ने बताया कि उनके संस्थान में शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अंक लाना नहीं है, बल्कि बच्चों के दिमाग की क्षमता को इस स्तर तक विकसित करना है कि वे हर प्रकार की गणनाओं को सहजता और आनंद के साथ कर सकें। उन्होंने कहा –

“हमारा लक्ष्य है कि हर विद्यार्थी अपनी गणितीय सोच को इतना सशक्त बनाए कि वह भविष्य में किसी भी प्रतियोगिता, करियर या जीवन की चुनौती में आत्मविश्वास के साथ खड़ा रह सके।”

रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन, सहारनपुर का नाम विश्व पटल पर

“इन्फ्लुएंसर बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स” में स्थान पाना आसान नहीं था। इसके लिए छात्रों ने महीनों तक कठिन अभ्यास किया। वैदिक सूत्रों के माध्यम से अत्यंत कम समय में जटिल गणनाओं को हल करने की उनकी क्षमता ने निर्णायकों को चकित कर दिया।

रिकॉर्डिंग के दौरान विद्यार्थियों ने मानसिक गणना (Mental Calculation) में असाधारण दक्षता प्रदर्शित की। उन्होंने बिना कैलकुलेटर या किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के जटिल गुणा, भाग और वर्गमूल जैसी गणनाएँ कुछ ही सेकंडों में हल कीं।

इस शानदार प्रदर्शन को देखकर निर्णायक मंडल ने उन्हें वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए उपयुक्त माना और सहारनपुर के नाम एक नई उपलब्धि दर्ज कर दी।

समारोह में उमड़ा उत्साह, विशिष्ट अतिथियों ने दी बधाई

इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बना ब्रेन बूस्टेबल इंस्टिट्यूट परिसर, जहाँ विद्यार्थियों की इस सफलता पर एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में शिक्षा, समाजसेवा और पत्रकारिता से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित होने पर वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ के संपादक एवं समृद्ध भारत समाचार पत्र ब्यूरो चीफ तथा दैनिक अशंका बुलेटिन से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार एलिक सिंह का भी विशेष स्वागत और सम्मान किया गया।

इस अवसर पर श्री एलिक सिंह ने कहा –

“ब्रेन बूस्टेबल इंस्टिट्यूट ने जो कर दिखाया है, वह न केवल शिक्षा जगत के लिए प्रेरणास्रोत है, बल्कि यह प्रमाण भी है कि भारतीय वैदिक ज्ञान आज भी विश्व को दिशा देने में सक्षम है। सहारनपुर के बच्चों ने दिखाया है कि हमारी परंपरा, यदि सही मार्गदर्शन और आधुनिक पद्धति के साथ जोड़ी जाए, तो वैश्विक स्तर पर असंभव कुछ नहीं।”

उन्होंने संस्थान के सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों और विशेष रूप से श्री अरहियंत जैन को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बनेगी।

संस्थान में शिक्षा का नया मॉडल — “ब्रेन बूस्टेबल” पद्धति

संस्थान के संस्थापक अरहियंत जैन ने बताया कि “ब्रेन बूस्टेबल” पद्धति केवल गणित सीखने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह दिमागी क्षमता को बढ़ाने का एक समग्र प्रशिक्षण है।
इसमें विद्यार्थी को मानसिक गणना के साथ-साथ एकाग्रता, याददाश्त, और रचनात्मक सोच पर भी कार्य कराया जाता है।

उन्होंने कहा –

“हम चाहते हैं कि बच्चों को गणित से डर नहीं, बल्कि उससे प्रेम हो। वैदिक गणित इस दिशा में सबसे प्रभावी साधन है, क्योंकि यह कठिन से कठिन गणना को आसान और रोचक बना देता है।”

अभिभावकों और विद्यार्थियों की खुशी का ठिकाना नहीं

संस्थान के विद्यार्थियों की इस सफलता से उनके माता-पिता में भी भारी उत्साह देखा गया। अभिभावकों ने कहा कि वैदिक गणित ने उनके बच्चों में आत्मविश्वास और तर्कशक्ति का विकास किया है।
एक विद्यार्थी ने बताया –

“पहले गणित मेरे लिए मुश्किल विषय था, लेकिन अब यह मेरा सबसे पसंदीदा विषय बन गया है। वैदिक सूत्रों से गणना करना खेल जैसा लगता है।”

सहारनपुर में शिक्षा की नई पहचान

ब्रेन बूस्टेबल इंस्टिट्यूट की इस उपलब्धि ने सहारनपुर को एक नई पहचान दी है। पहले यह शहर लकड़ी, हस्तशिल्प और धार्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध था, अब यह शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी अलग छाप छोड़ रहा है।

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि वैदिक गणित जैसे पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक शिक्षा प्रणाली में सम्मिलित करना न केवल विद्यार्थियों की बुद्धिमत्ता बढ़ाता है, बल्कि उन्हें अपने सांस्कृतिक मूल्यों से भी जोड़ता है।

विशिष्ट अतिथि सम्मान पर आभार

कार्यक्रम के अंत में श्री अरहियंत जैन ने विशिष्ट अतिथि एलिक सिंह सहित सभी उपस्थित अतिथियों और शिक्षकों का धन्यवाद करते हुए कहा –

“आज का दिन हमारे लिए ऐतिहासिक है। हम इस सम्मान को सहारनपुर के हर विद्यार्थी को समर्पित करते हैं। हमारे लिए यह गर्व का विषय है कि इस छोटे से शहर से भी विश्व रिकॉर्ड जैसे कीर्तिमान स्थापित हो सकते हैं।”

इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने भी बच्चों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं और इस सफलता को सहारनपुर के लिए मील का पत्थर बताया।


✍️ रिपोर्ट : एलिक सिंह

संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
समृद्ध भारत समाचार पत्र
📞 संपर्क : 8217554083


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